अक्सर हादसे ही हुआ करते
दु:ख देने वालों की आँखों से,
आँसू नहीं चुआ करते।
राजनीति में क्यूँकि अक्सर,
हादसे नहीं हुआ करते॥
जो छिटपुट-छिटपुट बातों में,
बातों के तीर चलाते हैं।
उनके ही दामन में अक्सर,
घनघोर घाव हुआ करते॥
राजनीति में क्यूँकि अक्सर...
मेहनतकश परिवार को जो,
जातिगत बतलाते हैं।
विद्या के अधिकार को जो,
नीच बोल धकियाते हैं।
उनके ही घुटनों पर अक्सर,
ज़ालिम दर्द हुआ करते॥
राजनीति में क्यूँकि अक्सर...
वारदात करने पर जो,
सीधे कौमी बन जाते हैं।
दुराचार करने पर जो,
आधे होमी बन जाते हैं।
धर्म-जात के नाम पर,
जो दंगे ही करवाते हैं।
उनके ही पीपल पेड़ों में,
अक्सर भूत हुआ करते॥
राजनीति में क्यूँकि अक्सर...
जो मूत्राशय की पथरी को,
जादू टोना बतलाते हैं।
जीवन को ही हार मान,
सिर अपना टकराते हैं।
समझदार को जो अक्सर,
पाखंडी बतलाते हैं।
उनके ही कोरे जीवन में,
बाबा रंग भरा करते॥
राजनीति में क्यूँकि अक्सर...
राष्ट्रवाद के कांधे पे,
रंगीं बंदूक चलाते हैं।
अपने घर का सारा खर्चा,
सैनिक से संदूकों में
उठवाते हैं।
जिनके नारों में अंगारे,
रुख जुमले ही हो जाते हैं।
खाल खींचने वाले अक्सर,
खुद जय-जयकार किया करते॥
राजनीति में क्यूँकि अक्सर...
मुझे संस्कृति की समझ है,
और समझ इतिहास की।
कायरों के सर-माथे अक्सर,
निशान छींट हुआ करते।
दु:ख देने वालों की आँखों से
आँसू नहीं चुआ करते।
राजनीति में क्यूँकि अक्सर...
:© "Ankush Arya", 2017
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